जीवनसंगिनी से साझा करें वित्तीय लक्ष्यों को-:


 






बात जब निवेश की आती है तो प्राय
: यह देखा गया है कि हमारे घर में महिलाओं को इस तरह फैसलों से दूर रखा जाता है और महिलाएं भी पैसों के मामलो में पड़ना नहीं चाहती है लेकिन समय के साथ वक्त भी बदल रहा है और आज के समय में महिलाएं पुरुषों से कदम से कदम मिलाकर चल रही है महिलाओं को आमतौर पर घरेलू जिम्मेदारियों में व्यस्त रखा जाता है और उन्हें पारिवारिक खर्च के नाम पर समय-समय पर कुछ राशि अपने पति या माता-पिता से मिलती रहती है लेकिन प्राय: देखा गया है कि महिलाओं में बचत का एक विशेष गुण होता है

वह घर खर्च कि उस राशि में से कुछ पैसे जरूर बचा लेती है ताकि विपरीत समय आने पर उन बचत के पैसों से अपना धन प्रबंधन कर सके इसलिए आज के समय में हमारे वित्तीय लक्ष्यों को अपने घर की महिलाओं के साथ साझा करना बहुत जरूरी है जिससे महिलाएं भी वित्तीय लक्ष्यों के फैसले लेने में आपकी मदद कर सके

हमारे जीवन के कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्य-:

बच्चों की शिक्षा की प्लानिंग-: भारत में पढ़ाई लिखाई का खर्च हर साल बढ़ता जा रहा है और आज के समय पर माता-पिता पर यह दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करें लेकिन अगर समय रहते सही से प्लानिंग करी जाए तो यह वित्तीय लक्ष्य आसानी से प्राप्त कर सकते हैं अतः बच्चों की परवरिश में पति-पत्नी दोनों को इस वित्तीय लक्ष्य पर आपस में बात करनी चाहिए

चाइल्ड मैरिज प्लानिंग-: किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चों की शादी करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होता है और भारतीय समाज में इस तरह के आयोजन में खर्चों की लिमिट पार होना आम बात होती है अगर हम शुरू से ही अपने बच्चों की मैरिज प्लानिंग के वित्तीय लक्ष्य का ध्यान रखें तो हम इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं







जीवन बीमा प्लानिंग-: जीवन बीमा का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि किसी भी व्यक्ति की असमय मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और हमारे समाज में यह देखा गया है कि मुख्य आय का स्रोत घर का पुरुष या पति ही होता है अगर पति को किसी भी समय असमय मृत्यु प्राप्त हो जाती है तो उस परिवार की वित्तीय सहायता के तौर पर केवल इंश्योरेंस ही उस परिवार की मदद करता है

अतः पति-पत्नी को टर्म इंश्योरेंस के बारे में आपस में बात करनी चाहिए

रिटायरमेंट प्लानिंग-: आज के समय में मेडिकल केयर और मेडिकल रिसर्च के कारण मानव दीर्घायु को प्राप्त कर रहा है आज 80-85 वर्ष एक आम बात है और यही रिटायरमेंट प्लानिंग सबसे ज्यादा हमारे काम आती है पति-पत्नी दोनों में से कोई भी अगर दीर्घायु को प्राप्त करता है तो उस दीर्घायु जीवन के लिए पर्याप्त धन होना आवश्यक है पति-पत्नी की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने रिटायरमेंट प्लानिंग की व्यवस्था पर आपस में बात करें





वित्तीय लक्ष्यों को कैसे हासिल करें-:

चाहे वह कोई भी लक्ष्य हो हमें वित्तीय लक्ष्यों की प्लानिंग करते समय महंगाई दर को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए अगर हमारा निवेश महंगाई दर से कम रिटर्न(ब्याज) दे रहा है तो वह निवेश हमारे लिए सही नहीं है वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको वित्तीय सलाहकार की मदद से सही प्लानिंग करनी चाहिए

 

ARTH PRABANDHAN

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M-9785897827

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