भारत कहानियों का देश है। भारत की कहानियाँ दुनिया भर में प्रसिद्ध है। भारत में कहानियों को महाकाव्य कहाँ जाता है। भारत की कहानियों ने दुनिया भर के लोगों की जिन्दगीया बदली है।
मैं भी आपको एक कहानी के
बारे में चाहता हूँ ,एक ऐसी कहानी जिसे मैंने 10 साल पहले पढ़ा था तो मेरी शरीर की संवेदनाओं ने जबर्दस्त React किया था
ऐसा कैसे हो सकता है?
आज जब यह कहानी आपको फिर से सुना रहा हूँ
तब भी मेरी शरीर की संवेदनाएं उसी प्रकार React कर रही है।
कोई व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है?
यह कहानी आपको चेतन मन से नही अपने अवचेतन मन से सुननी होगी
आज यह कहानी
2
से 3 लोगो की जिन्दगी हमेशा-हमेशा के लिए बदल देगी !
यह कहानी एक गाँव की है। एक ऐसा गांव जहाँ लोग आराम ख़ुशहाल रहते थे। सभी लोग अपनी जिन्दगी आसानी से बिताते थे।
उस गाँव में एक बडी अनोखी परम्परा थी उस गाँव
में हर पाँच साल में एक भव्य मेले का आयोजन होता था पूरा गाँव उस मेले मे बढ़चढ़ कर हिस्सा
लेता था
जब मेले का अन्तिम समय होता था उस वक़्त एक हाथी मेले में प्रवेश करता था।
हाथी के सूंड
में एक माला होती थी उस
हाथी को पुरे मेले में घुमाया जाता है। वह हाथी जिस किसी व्यक्ति के गले में वह माला डाल देता वह व्यक्ति अगले पाँच साल के लिए वहाँ का राजा नियुक्त कर दिया जाता
था।
"बडी अनोखी परम्परा थी उस गाँव की "
सारे गाँव वाले वहाँ के राजा
बनना चाहते थे क्योंकि बड़ी Transparent परम्परा थी
लेकिन उस गाँव की एक ओर अनोखी परम्परा थी
जब भी किसी राजा को
चुनाव के पाँच साल बाद उस राजा को हटाया जाता था
तो,राजा को हटाने का काम कुछ इस प्रकार होता था कि सारे गाँव वाले
एक जगह एकत्रित होते थे और और सब लोग राजा के महल की और आगे बढ़ते थे राजा को जबरदस्ती रसियों से बांध लोहे की चैन से बांध कर महल से बाहर निकला जाता था।
उस
राजा को गाँव से दूर किनारे पर ले जाया जाता था गाँव के किनारे पर एक नदी बहा करती
थी उस नदी के दुसरे किनारे पर एक भयानक जंगल हुआ करता था उस राजा को उस भयानक जंगल
में छोड दिया जाता था उस राजा की मृत्यु वहाँ दो प्रकार से होती थी या तो भयानक जंगली
जानवरो की आवाज से वह मर जाता था या उस राजा कि मृत्यु भूखे रहने से हो जाती थी
सदियो
- सदियों तक यह परम्परा चलती रही ,एक दिन फिर इसी
प्रकार भव्य मेले का आयोजन हुआ और एक व्यक्ति को राजा चुन लिया गया
वह
व्यक्ति लगातार पाँच साल तक राज करता रहा और अपना राजधर्म निभाता है। सारे गाँव वालो
उससे खुश थे आखिरकार राजा के पाँच साल पूरे हुए राजा का राज सिंहासन छोडने का समय आ
गया
परम्परा
के तहत सारे गाँव वाले एकत्रित होते हैं। और राजा को महल से निकालने की तैयारी करते
है।
सारे
गांव वाले राजा के महल की और आगे बढ़ते है। गाँव वाले एक विचित्र घटना वहाँ देखते है।
कि राजा स्वयं ही महल की और से बाहर निकल रहा है। गाँव वाले महल की और आगे बढ़ते है।
और राजा महल के गेट की और आगे बढ़ता है। और गाँव वालो की मुलाकात होती है राजा से,
राजा के महल के गेट पर।
राजा
गांव वालों से कहता है कि आप लोग मुझे उसे जंगल में छोड़कर आओगे या मैं खुद ही
वहां चले जाऊं
एक
बुजुर्ग व्यक्ति उस भीड में से बाहर निकलकर उस राजा से पूछता है। कि हे राजन यह रहस्य
क्या है। राजा उससे कहता है कि अब आप लोगो ने पूछ लिया मै बताता हूं
जब
मैं पहले साल राजा बना तो मैंने पास वाले गाँव से लकड़हारे,
लकडी काटने वाले लोगो को नांव में बैठा कर उस जंगल में भेज दिया और कहा
कि जाओ जंगल साफ कर दो,
जब
दूसरे साल राजा बना तो मैने नगर नियोजन वाले लोगो को उस जंगल में भेज दिया और कहाँ वहाँ जाकर नगर बसा दो, इमारते बना दो, सडके बना दो।
जब
मैं तीसरे साल का राजा बना तो पास के गाँव से कारीगरों को वहाँ भेज दिया और कहाँ जाओ
वहाँ महल का निर्माण कर दो।
जब
मैं चौथे साल राजा बना तो मेने पास गाँव से व्यापारी वर्ग को वहाँ भेज दिया कि जाओ
आप सब लोग व्यापार प्रारम्भ करो एक नए शहर का निर्माण होने जा रहा है
और
जब में पाँचवे साल राजा बना तो मैने अपने परिवार को वहाँ भेज दिया आज मेरे इस शहर के
राजा होने का अन्तिम दिन है और अब मैं केवल पाँच साल के किए राजा नहीं,
अपनी अंतिम साँस के लिए राजा बनूँगा।
उस
नये शहर में लोग मेरा इंतजार कर रहे होंगें।
और
मेरे उस राज महल का आज उद्घाटन है। मैं सदा-सदा
के लिए राजा बनने जा रहा हूं।
जीवन
को जब हम अपने अवचेतन मन की दृष्टि से देखते है। तो हम पाते हैं कि
25 वर्ष से लेकर 60 वर्ष की उम्र तक हम राजाओं जैसी जिंदगी व्यतीत करते है।
हम
जिस चीज पर आज अपनी अंगुली रख दे वह चीज हम खरीद सकते है
आज
हम दुनिया के नक्शे पर जहां अपनी अंगुली रख दे वहाँ हम जा सकते है। जो भी व्यंजन हम
आज खाना चाहे हम खा सकते है।
लेकिन
जैसे 60 Age में हमारी Biological
Body हमारा साथ देना बन्द कर देती है। हमें उस जंगल की और जाना होता
है।
मैंने
अपनी जिन्दगी में कभी किसी भी private Sector, Self-employed,
या Small Business man को Retire होते नहीं देखा है।उन्हे जबर्दस्ती Retirement दिया जाता
है।
बच्चों
की शादियां, बच्चों की पढ़ाई हो जाती है।
लेकिन इस दुनिया में Retirement के लिए कभी भी Loan नहीं मिलता है।.
मैं
चाहता हूँ जब हम 60 साल के हो हम सब इस कहानी
के माध्यम से एक नये महल का उद्घाटन करे। एक SIP आप सब लोग अपने
retirement के लिए जरूर करें। अगर आप सब लोग राजा बनने के लिए तैयार
है। तो मैं भी आपका सारथी बनाने के लिए तैयार हूँ।
Thank
you
Virendra
Chauhan
Viren4563@gmail.com


Comments
Post a Comment